श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 12: सुग्रीव का किष्किन्धा में आकर वाली को ललकारना और युद्ध में पराजित होना, वहाँ श्रीराम का पहचान के लिये गजपुष्पीलता डालकर उन्हें पुनः युद्ध के लिये भेजना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  4.12.30 
अलंकारेण वेषेण प्रमाणेन गतेन च।
त्वं च सुग्रीव वाली च सदृशौ स्थ: परस्परम्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
सुग्रीव! वेश, कद और चाल में आप और बालि दोनों एक-दूसरे के समान हैं ॥30॥
 
Sugreeva! In dress, height and gait you and Vali both resemble each other. ॥ 30॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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