Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.12.3: उस शक्तिशाली योद्धा द्वारा छोड़ा गया वह स्वर्ण बाण एक साथ सातों साल वृक्षों को भेदता हुआ पर्वत और पृथ्वी की सात परतों को भेदता हुआ पाताल लोक में जा गिरा। | ramayan सर्ग 4.12: सुग्रीव का किष्किन्धा में आकर वाली को ललकारना और युद्ध में पराजित होना, वहाँ श्रीराम का पहचान के लिये गजपुष्पीलता डालकर उन्हें पुनः युद्ध के लिये भेजना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस शक्तिशाली योद्धा द्वारा छोड़ा गया वह स्वर्ण बाण एक साथ सातों साल वृक्षों को भेदता हुआ पर्वत और पृथ्वी की सात परतों को भेदता हुआ पाताल लोक में जा गिरा।
That golden arrow, shot by that powerful warrior, pierced all the seven Sal trees simultaneously and went down to the netherworld, piercing the seven layers of the mountain and the earth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥