श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 12: सुग्रीव का किष्किन्धा में आकर वाली को ललकारना और युद्ध में पराजित होना, वहाँ श्रीराम का पहचान के लिये गजपुष्पीलता डालकर उन्हें पुनः युद्ध के लिये भेजना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  4.12.24 
राघवोऽपि सह भ्रात्रा सह चैव हनूमता।
तदेव वनमागच्छत् सुग्रीवो यत्र वानर:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
इधर श्री रघुनाथजी भी उसी समय अपने भाई लक्ष्मण और श्री हनुमान जी के साथ वन में आये, जहाँ वानर सुग्रीव भी उपस्थित थे॥24॥
 
Here Shri Raghunathji also came to the forest at the same time along with his brother Lakshman and Shri Hanuman ji, where the monkey Sugriva was present. 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)