Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.12.22: वह बहुत थका हुआ था। उसका पूरा शरीर खून से लथपथ और मार से क्षत-विक्षत था। इसके बावजूद, वालि ने क्रोधपूर्वक उसका पीछा किया। लेकिन वह मतांग मुनि के विशाल वन में प्रवेश कर गया। | ramayan सर्ग 4.12: सुग्रीव का किष्किन्धा में आकर वाली को ललकारना और युद्ध में पराजित होना, वहाँ श्रीराम का पहचान के लिये गजपुष्पीलता डालकर उन्हें पुनः युद्ध के लिये भेजना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह बहुत थका हुआ था। उसका पूरा शरीर खून से लथपथ और मार से क्षत-विक्षत था। इसके बावजूद, वालि ने क्रोधपूर्वक उसका पीछा किया। लेकिन वह मतांग मुनि के विशाल वन में प्रवेश कर गया।
He was very tired. His whole body was bleeding and was worn out due to the blows. Despite this, Vali chased him angrily. But he entered the great forest of Mataang Muni.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥