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ramayan 4.12.18: दोनों भाई क्रोध में आकर एक दूसरे पर वज्र और बिजली के समान शक्तिशाली थप्पड़ों और घूंसों से प्रहार करने लगे।   |   ramayan सर्ग 4.12: सुग्रीव का किष्किन्धा में आकर वाली को ललकारना और युद्ध में पराजित होना, वहाँ श्रीराम का पहचान के लिये गजपुष्पीलता डालकर उन्हें पुनः युद्ध के लिये भेजना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 12: सुग्रीव का किष्किन्धा में आकर वाली को ललकारना और युद्ध में पराजित होना, वहाँ श्रीराम का पहचान के लिये गजपुष्पीलता डालकर उन्हें पुनः युद्ध के लिये भेजना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  4.12.18 
तलैरशनिकल्पैश्च वज्रकल्पैश्च मुष्टिभि:।
जघ्नतु: समरेऽन्योन्यं भ्रातरौ क्रोधमूर्च्छितौ॥ १८॥
 
 
अनुवाद
दोनों भाई क्रोध में आकर एक दूसरे पर वज्र और बिजली के समान शक्तिशाली थप्पड़ों और घूंसों से प्रहार करने लगे।
 
Both the brothers, in a fit of rage, began to attack each other with slaps and punches that were as strong as thunderbolts and lightning.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)