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ramayan 4.12.17: तब वालि और सुग्रीव में ऐसा भयंकर युद्ध छिड़ गया, मानो आकाश में बुध और मंगल दोनों ग्रह घोर युद्ध कर रहे हों ॥17॥   |   ramayan सर्ग 4.12: सुग्रीव का किष्किन्धा में आकर वाली को ललकारना और युद्ध में पराजित होना, वहाँ श्रीराम का पहचान के लिये गजपुष्पीलता डालकर उन्हें पुनः युद्ध के लिये भेजना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 12: सुग्रीव का किष्किन्धा में आकर वाली को ललकारना और युद्ध में पराजित होना, वहाँ श्रीराम का पहचान के लिये गजपुष्पीलता डालकर उन्हें पुनः युद्ध के लिये भेजना  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  4.12.17 
तत: सुतुमुलं युद्धं वालिसुग्रीवयोरभूत्।
गगने ग्रहयोर्घोरं बुधाङ्गारकयोरिव॥ १७॥
 
 
अनुवाद
तब वालि और सुग्रीव में ऐसा भयंकर युद्ध छिड़ गया, मानो आकाश में बुध और मंगल दोनों ग्रह घोर युद्ध कर रहे हों ॥17॥
 
Then a fierce battle broke out between Vali and Sugreeva, as if the two planets Mercury and Mars were engaged in a fierce battle in the sky. ॥17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)