Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.11.92: इसमें कोई संदेह नहीं है कि आपके द्वारा छोड़ा गया बाण इस सालवृक्ष को छेद देगा । हे राजन ! अब सोचने की कोई आवश्यकता नहीं है । मैं आपकी शपथ खाकर कहता हूँ कि आप मुझे प्रसन्न करने वाला यह कार्य अवश्य करेंगे ॥ 92॥ | ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इमं हि सालं प्रहितस्त्वया शरो
न संशयोऽत्रास्ति विदारयिष्यति।
अलं विमर्शेन मम प्रियं ध्रुवं
कुरुष्व राजन् प्रतिशापितो मया॥ ९२॥
अनुवाद
इसमें कोई संदेह नहीं है कि आपके द्वारा छोड़ा गया बाण इस सालवृक्ष को छेद देगा । हे राजन ! अब सोचने की कोई आवश्यकता नहीं है । मैं आपकी शपथ खाकर कहता हूँ कि आप मुझे प्रसन्न करने वाला यह कार्य अवश्य करेंगे ॥ 92॥
There is no doubt that the arrow shot by you will pierce this sal tree. O King! Now there is no need to think. I swear on your oath that you must do this work which pleases me.॥ 92॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥