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ramayan 4.11.91: 'तुम्हारा यह धनुष हाथी की फैली हुई सूँड़ के समान विशाल है। इस पर डोरी चढ़ाकर इसे हाथी के कान तक खींचो और साल के वृक्ष पर निशाना साधकर एक विशाल बाण चलाओ।'   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 91
 
 
श्लोक  4.11.91 
कृत्वैतत् कार्मुकं सज्यं हस्तिहस्तमिवाततम्।
आकर्णपूर्णमायम्य विसृजस्व महाशरम्॥ ९१॥
 
 
अनुवाद
'तुम्हारा यह धनुष हाथी की फैली हुई सूँड़ के समान विशाल है। इस पर डोरी चढ़ाकर इसे हाथी के कान तक खींचो और साल के वृक्ष पर निशाना साधकर एक विशाल बाण चलाओ।'
 
‘This bow of yours is as huge as the outstretched trunk of an elephant. Put the string on it and stretch it till its ear and aim at the sal tree and shoot a huge arrow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)