Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.11.90: "पिताजी! आपके और उनके बल के विषय में अभी भी वही संदेह बना हुआ है। अब इस एक साल वृक्ष को काटने पर दोनों के बल का पता चल जाएगा।"   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 90
 
 
श्लोक  4.11.90 
स एव संशयस्तात तव तस्य च यद‍्बलम्।
सालमेकं विनिर्भिद्य भवेद् व्यक्तिर्बलाबले॥ ९०॥
 
 
अनुवाद
"पिताजी! आपके और उनके बल के विषय में अभी भी वही संदेह बना हुआ है। अब इस एक साल वृक्ष को काटने पर दोनों के बल का पता चल जाएगा।"
 
"Father! The same doubt about your and his strength still remains. Now after cutting this one sal tree, the strength of both will be clarified. 90.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)