Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.11.86: अपने शरीर को फेंका हुआ देखकर सुग्रीव ने लक्ष्मण और वानरों के सामने जलते हुए सूर्य के समान तेजस्वी वीर श्री रामजी से पुनः ये अर्थपूर्ण वचन कहे-॥86॥ | ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपने शरीर को फेंका हुआ देखकर सुग्रीव ने लक्ष्मण और वानरों के सामने जलते हुए सूर्य के समान तेजस्वी वीर श्री रामजी से पुनः ये अर्थपूर्ण वचन कहे-॥86॥
Seeing his body being thrown away, Sugreeva again said these meaningful words to the brave Sri Rama, who was as radiant as the burning Sun, in front of Lakshmana and the monkeys -॥ 86॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥