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ramayan 4.11.83: वानर! यदि इस समय तुम्हें हमारी वीरता पर विश्वास नहीं है, तो युद्ध के समय हम तुम्हें विश्वास दिला देंगे। ॥8 3॥   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 83
 
 
श्लोक  4.11.83 
यदि न प्रत्ययोऽस्मासु विक्रमे तव वानर।
प्रत्ययं समरे श्लाघ्यमहमुत्पादयामि ते॥ ८३॥
 
 
अनुवाद
वानर! यदि इस समय तुम्हें हमारी वीरता पर विश्वास नहीं है, तो युद्ध के समय हम तुम्हें विश्वास दिला देंगे। ॥8 3॥
 
Monkey! If you do not have faith in us regarding our valour at this time, then we will make you believe it at the time of the war.' ॥ 8 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)