Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.11.80: प्रभु! मैं आपकी तुलना बालि से नहीं करता। मैं न तो आपको डराता हूँ, न ही आपका अपमान करता हूँ। बालि के भयंकर कर्मों ने ही मेरे हृदय में भय उत्पन्न किया है। 80. | ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न खल्वहं त्वां तुलये नावमन्ये न भीषये।
कर्मभिस्तस्य भीमैश्च कातर्यं जनितं मम॥ ८०॥
अनुवाद
प्रभु! मैं आपकी तुलना बालि से नहीं करता। मैं न तो आपको डराता हूँ, न ही आपका अपमान करता हूँ। बालि के भयंकर कर्मों ने ही मेरे हृदय में भय उत्पन्न किया है। 80.
‘Prabhu! Of course I do not compare you with Vali. I neither frighten you nor insult you. It is Vali's terrible deeds that have created fear in my heart. 80.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥