Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.11.73: श्री राम से, जिनकी आँखें किंचित लाल थीं, ऐसा कहकर सुग्रीव कुछ देर तक गहन विचार में मग्न रहे। इसके बाद वे ककुत्स्थ कुल के रत्न श्री राम से पुनः बोले- | ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री राम से, जिनकी आँखें किंचित लाल थीं, ऐसा कहकर सुग्रीव कुछ देर तक गहन विचार में मग्न रहे। इसके बाद वे ककुत्स्थ कुल के रत्न श्री राम से पुनः बोले-
After saying this to Shri Ram, whose eyes were slightly red, Sugreeva remained deep in thought for a while. After this he again spoke to Shri Ram, the jewel of the Kakutstha clan—
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥