Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.11.72: लक्ष्मण! यदि यह भैंसारूपी प्राणी दुन्दुभि की हड्डी को एक ही पैर से उठाकर दो सौ धनुष की दूरी तक बलपूर्वक फेंक दे, तो भी मैं मान लूँगा कि इसके हाथों से वालि मारा जा सकता है॥ 72॥ | ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लक्ष्मण! यदि यह भैंसारूपी प्राणी दुन्दुभि की हड्डी को एक ही पैर से उठाकर दो सौ धनुष की दूरी तक बलपूर्वक फेंक दे, तो भी मैं मान लूँगा कि इसके हाथों से वालि मारा जा सकता है॥ 72॥
Lakshmana! If this buffalo-shaped being can lift the bone of Dundubhi with just one leg and forcefully throw it to a distance of two hundred bows, then also I will accept that Vali can be killed by his hands.'॥ 72॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥