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ramayan 4.11.69: सुग्रीव के ऐसा कहने पर लक्ष्मण खूब हँसे। हँसते हुए उन्होंने कहा- 'कौन-सा कार्य पूरा करने पर तुम्हें विश्वास हो जाएगा कि श्री रामचन्द्रजी बाली को मार सकेंगे?'   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  4.11.69 
तथा ब्रुवाणं सुग्रीवं प्रहसँल्लक्ष्मणोऽब्रवीत्।
कस्मिन् कर्मणि निर्वृत्ते श्रद्दध्या वालिनो वधम्॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
सुग्रीव के ऐसा कहने पर लक्ष्मण खूब हँसे। हँसते हुए उन्होंने कहा- 'कौन-सा कार्य पूरा करने पर तुम्हें विश्वास हो जाएगा कि श्री रामचन्द्रजी बाली को मार सकेंगे?'
 
Lakshman laughed a lot when Sugreeva said this. Laughing, he said – ‘After completing which task will you be sure that Shri Ramchandraji will be able to kill Vali?’
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)