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ramayan 4.11.67: ये सात वर्ष की आयु के विशाल एवं घने वृक्ष हैं, जो अनेक उत्तम शाखाओं से सुशोभित हैं। वालि इनमें से प्रत्येक को जोर से हिलाकर पत्तों से रहित कर सकता है। 67।   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  4.11.67 
इमे च विपुला: साला: सप्त शाखावलम्बिन:।
यत्रैकं घटते वाली निष्पत्रयितुमोजसा॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
ये सात वर्ष की आयु के विशाल एवं घने वृक्ष हैं, जो अनेक उत्तम शाखाओं से सुशोभित हैं। वालि इनमें से प्रत्येक को जोर से हिलाकर पत्तों से रहित कर सकता है। 67।
 
‘These are huge and thick trees of seven years of age, which are adorned with many excellent branches. Vali can make each of them leafless by shaking them forcefully. 67.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)