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ramayan 4.11.61: तब सब वानरों ने स्वर्णमालाधारी वालि को अपने आने का कारण बताया और उसे जो शाप दिया गया था, वह भी कह सुनाया॥61॥   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  4.11.61 
ततस्ते कारणं सर्वं तथा शापं च वालिन:।
शशंसुर्वानरा: सर्वे वालिने हेममालिने॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
तब सब वानरों ने स्वर्णमालाधारी वालि को अपने आने का कारण बताया और उसे जो शाप दिया गया था, वह भी कह सुनाया॥61॥
 
‘Then all the monkeys told the golden-garlanded Vali the reason for their visit and also narrated the curse that had been imposed on her.॥ 61॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)