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ramayan 4.11.60: "मतंग वन में रहने वाले तुम सभी बंदर मेरे पास क्यों आये हो? क्या वनवासी कुशल मंगल हैं?"   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  4.11.60 
किं भवन्त: समस्ताश्च मतङ्गवनवासिन:।
मत्समीपमनुप्राप्ता अपि स्वस्ति वनौकसाम्॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
"मतंग वन में रहने वाले तुम सभी बंदर मेरे पास क्यों आये हो? क्या वनवासी कुशल मंगल हैं?"
 
"Why have all you monkeys living in Matang forest come to me? Are the forest dwellers doing well?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)