Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.11.6: वालि ने अपना बल दिखाते हुए वन में अनेक प्रकार के मजबूत वृक्षों को बड़े जोर से तोड़ डाला ॥6॥   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  4.11.6 
बहव: सारवन्तश्च वनेषु विविधा द्रुमा:।
वालिना तरसा भग्ना बलं प्रथयताऽऽत्मन:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
वालि ने अपना बल दिखाते हुए वन में अनेक प्रकार के मजबूत वृक्षों को बड़े जोर से तोड़ डाला ॥6॥
 
Vaali, demonstrating her strength, broke down many strong trees of various kinds in the forest with great force. ॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)