Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.11.58: "आज उन सबके आने, जाने या रुकने का आखिरी दिन है - मैं उन्हें पूरे दिन की छुट्टी देता हूँ। कल से जो भी बंदर यहाँ मेरी नज़र में आएगा, वह हज़ारों सालों के लिए पत्थर बन जाएगा।" | ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
"आज उन सबके आने, जाने या रुकने का आखिरी दिन है - मैं उन्हें पूरे दिन की छुट्टी देता हूँ। कल से जो भी बंदर यहाँ मेरी नज़र में आएगा, वह हज़ारों सालों के लिए पत्थर बन जाएगा।"
"Today is the last day for all of them to come, go or stay - I give them leave for the whole day. From tomorrow onwards, any monkey who comes in my sight here will turn into stone for thousands of years."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥