Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.11.5: वह महाबली पर्वतों की चोटियों पर चढ़ जाता है और बड़े-बड़े शिखरों को बलपूर्वक उठाकर ऊपर फेंक देता है और फिर उन्हें अपने हाथों से थाम लेता है॥5॥   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  4.11.5 
अग्राण्यारुह्य शैलानां शिखराणि महान्त्यपि।
ऊर्ध्वमुत्पात्य तरसा प्रतिगृह्णाति वीर्यवान्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
वह महाबली पर्वतों की चोटियों पर चढ़ जाता है और बड़े-बड़े शिखरों को बलपूर्वक उठाकर ऊपर फेंक देता है और फिर उन्हें अपने हाथों से थाम लेता है॥5॥
 
‘The mighty one climbs to the mountain tops and lifts up the huge peaks with force and throws them up and then holds them with his hands.॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)