Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.11.47: जब वह प्राण त्यागकर अचेत हो गया, तब तीव्र गति से चलने वाले राक्षस ने उसे दोनों हाथों से उठाकर सामान्य गति से एक योजन दूर फेंक दिया। | ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तं तोलयित्वा बाहुभ्यां गतसत्त्वमचेतनम्।
चिक्षेप वेगवान् वाली वेगेनैकेन योजनम्॥ ४७॥
अनुवाद
जब वह प्राण त्यागकर अचेत हो गया, तब तीव्र गति से चलने वाले राक्षस ने उसे दोनों हाथों से उठाकर सामान्य गति से एक योजन दूर फेंक दिया।
When he breathed his last and lost consciousness, the swift-moving one picked him up with both hands and threw him with normal speed to a distance of one Yojana.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥