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ramayan 4.11.46: ‘गिरते समय उसके शरीर के समस्त रोमछिद्रों से बहुत-सा रक्त बहने लगा। वह महाबाहु राक्षस पृथ्वी पर गिरकर मर गया॥46॥   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  4.11.46 
स्रोतोभ्यो बहु रक्तं तु तस्य सुस्राव पात्यत:।
पपात च महाबाहु: क्षितौ पञ्चत्वमागत:॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
‘गिरते समय उसके शरीर के समस्त रोमछिद्रों से बहुत-सा रक्त बहने लगा। वह महाबाहु राक्षस पृथ्वी पर गिरकर मर गया॥46॥
 
‘While falling, a lot of blood started flowing from all the pores of his body. That mighty-armed demon fell on the earth and died.॥ 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)