Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.11.42: क्रोध से भरकर तथा एक-दूसरे को परास्त करने की इच्छा से दुंदुभि और वालि के बीच भयंकर युद्ध शुरू हो गया।   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  4.11.42 
तयोस्तु क्रोधसंरम्भात् परस्परजयैषिणो:।
युद्धं समभवद् घोरं दुन्दुभेर्वालिनस्तथा॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
क्रोध से भरकर तथा एक-दूसरे को परास्त करने की इच्छा से दुंदुभि और वालि के बीच भयंकर युद्ध शुरू हो गया।
 
Filled with anger and desiring to defeat each other, a fierce battle began between Dundubhi and Vali.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)