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ramayan 4.11.41: फिर उसने उसे जोर से भूमि पर पटक दिया और बड़े जोर से गर्जना की। भूमि पर पटकते ही उसके दोनों कानों से रक्त की धाराएँ बहने लगीं॥ 41॥   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  4.11.41 
बलाद् व्यापादयांचक्रे ननर्द च महास्वनम्।
श्रोत्राभ्यामथ रक्तं तु तस्य सुस्राव पात्यत:॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
फिर उसने उसे जोर से भूमि पर पटक दिया और बड़े जोर से गर्जना की। भूमि पर पटकते ही उसके दोनों कानों से रक्त की धाराएँ बहने लगीं॥ 41॥
 
‘Then he threw him forcefully on the ground and roared loudly. As he was being thrown on the ground, streams of blood started flowing from both his ears.॥ 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)