Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.11.38: "यदि तुम युद्ध के लिए निर्भय होकर खड़े हो, तो यह मत सोचना कि यह मनुष्य मधु पीकर मतवाला हो गया है। मेरे इस मतवालेपन को एक विशेष औषधि समझो, जिसका सेवन योद्धा युद्धभूमि में अपना उत्साह बढ़ाने के लिए करते हैं।" | ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मत्तोऽयमिति मा मंस्था यद्यभीतोऽसि संयुगे।
मदोऽयं सम्प्रहारेऽस्मिन् वीरपानं समर्थ्यताम्॥ ३८॥
अनुवाद
"यदि तुम युद्ध के लिए निर्भय होकर खड़े हो, तो यह मत सोचना कि यह मनुष्य मधु पीकर मतवाला हो गया है। मेरे इस मतवालेपन को एक विशेष औषधि समझो, जिसका सेवन योद्धा युद्धभूमि में अपना उत्साह बढ़ाने के लिए करते हैं।"
"If you are standing fearlessly for the battle, then do not think that this man has become intoxicated by drinking honey. Consider this intoxication of mine as a special medicine which is consumed by warriors to increase their enthusiasm in the battlefield."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥