Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.11.36: जो मदिरा के नशे में चूर, मदमस्त (असावधान), युद्ध से भागे हुए, निहत्थे, दुर्बल, तुम्हारे समान स्त्रियों से घिरे हुए और मदमस्त पुरुष को मारता है, वह संसार में गर्भ-हत्यारा कहलाता है॥36॥   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  4.11.36 
यो हि मत्तं प्रमत्तं वा भग्नं वा रहितं कृशम्।
हन्यात् स भ्रूणहा लोके त्वद्विधं मदमोहितम्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
जो मदिरा के नशे में चूर, मदमस्त (असावधान), युद्ध से भागे हुए, निहत्थे, दुर्बल, तुम्हारे समान स्त्रियों से घिरे हुए और मदमस्त पुरुष को मारता है, वह संसार में गर्भ-हत्यारा कहलाता है॥36॥
 
“The one who kills a man intoxicated with alcohol, intoxicated (inattentive), running away from war, unarmed, weak, surrounded by women like you and intoxicated, is called a womb-killer in the world.” 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)