Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.11.35: "किष्किन्धापुरी को अच्छी तरह देखो। अपने जैसे ही किसी पुत्र को इस नगर का राजा बनाओ और जी भरकर स्त्रियों का संग करो। इसके बाद मैं तुम्हारा घमंड चूर-चूर कर दूँगा।" 35.   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  4.11.35 
सुदृष्टां कुरु किष्किन्धां कुरुष्वात्मसमं पुरे।
क्रीडस्व च समं स्त्रीभिरहं ते दर्पशासन:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
"किष्किन्धापुरी को अच्छी तरह देखो। अपने जैसे ही किसी पुत्र को इस नगर का राजा बनाओ और जी भरकर स्त्रियों का संग करो। इसके बाद मैं तुम्हारा घमंड चूर-चूर कर दूँगा।" 35.
 
"Look well at Kishkindhapuri. Appoint a son like you as the king of this city and enjoy the company of women to your heart's content. After this I will shatter your pride. 35.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)