Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.11.34: "बंदरों को गले लगाओ और जिसे चाहो, जो चाहो दे दो; तुम सभी वानरों के राजा हो, है ना? अपने दोस्तों से मिलो और उनकी सलाह मानो।" 34. | ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दीयतां सम्प्रदानं च परिष्वज्य च वानरान्।
सर्वशाखामृगेन्द्रस्त्वं संसादय सुहृज्जनम्॥ ३४॥
अनुवाद
"बंदरों को गले लगाओ और जिसे चाहो, जो चाहो दे दो; तुम सभी वानरों के राजा हो, है ना? अपने दोस्तों से मिलो और उनकी सलाह मानो।" 34.
"Embrace the monkeys and give whatever you want to whomever you want; you are the king of all apes, aren't you? Meet your friends and take their advice." 34.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥