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ramayan 4.11.32: "वीर, तुम्हें औरतों के सामने ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए। मुझे लड़ने का मौका दो, तब मैं तुम्हारी ताकत समझूंगी।"   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  4.11.32 
न त्वं स्त्रीसंनिधौ वीर वचनं वक्तुमर्हसि।
मम युद्धं प्रयच्छाद्य ततो ज्ञास्यामि ते बलम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
"वीर, तुम्हें औरतों के सामने ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए। मुझे लड़ने का मौका दो, तब मैं तुम्हारी ताकत समझूंगी।"
 
"Veer, you should not say such things in front of women. Give me a chance to fight, then I will understand your strength. 32.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)