Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.11.31: बुद्धिमान वानरराज के ये वचन सुनकर दुन्दुभि के नेत्र क्रोध से लाल हो गए और वह उनसे इस प्रकार बोला -॥31॥   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  4.11.31 
तस्य तद् वचनं श्रुत्वा वानरेन्द्रस्य धीमत:।
उवाच दुन्दुभिर्वाक्यं क्रोधात् संरक्तलोचन:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
बुद्धिमान वानरराज के ये वचन सुनकर दुन्दुभि के नेत्र क्रोध से लाल हो गए और वह उनसे इस प्रकार बोला -॥31॥
 
Hearing these words of the wise monkey king, Dundubhi's eyes became red with anger. He spoke to him in this manner -॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)