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ramayan 4.11.29: सम्पूर्ण वनवासी वानरों के राजा वालि ने वहाँ उस दुन्दुभिस से स्पष्ट अक्षरों और श्लोकों से युक्त सीमित वाणी में कहा - 29॥   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  4.11.29 
मितं व्यक्ताक्षरपदं तमुवाच स दुन्दुभिम्।
हरीणामीश्वरो वाली सर्वेषां वनचारिणाम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
सम्पूर्ण वनवासी वानरों के राजा वालि ने वहाँ उस दुन्दुभिस से स्पष्ट अक्षरों और श्लोकों से युक्त सीमित वाणी में कहा - 29॥
 
Wali, the king of all the forest-dwelling monkeys, said to that Dundubhis there in a limited speech consisting of clear letters and verses - 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)