Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.11.25: उसने भैंसे का रूप धारण कर लिया था। उसके सींग बहुत तीखे थे। वह बहुत डरावना लग रहा था और ऐसा लग रहा था जैसे बरसात के मौसम में पानी से भरा कोई विशाल बादल आसमान को ढक रहा हो। | ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसने भैंसे का रूप धारण कर लिया था। उसके सींग बहुत तीखे थे। वह बहुत डरावना लग रहा था और ऐसा लग रहा था जैसे बरसात के मौसम में पानी से भरा कोई विशाल बादल आसमान को ढक रहा हो।
‘He had assumed the form of a buffalo. His horns were very sharp. He was very scary and looked like a huge cloud filled with water covering the sky during the rainy season.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥