Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.11.23: यदि तुम यहाँ युद्ध करना चाहते हो, तो शीघ्र चले जाओ; क्योंकि वालि के लिए किसी भी शत्रु की चुनौती का सामना करना अत्यन्त कठिन है। वह युद्ध में सदैव वीरता ही दिखाता है। ॥23॥ | ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तं शीघ्रमभिगच्छ त्वं यदि युद्धमिहेच्छसि।
स हि दुर्मर्षणो नित्यं शूर: समरकर्मणि॥ २३॥
अनुवाद
यदि तुम यहाँ युद्ध करना चाहते हो, तो शीघ्र चले जाओ; क्योंकि वालि के लिए किसी भी शत्रु की चुनौती का सामना करना अत्यन्त कठिन है। वह युद्ध में सदैव वीरता ही दिखाता है। ॥23॥
"If you want to fight here, then leave quickly; because it is very difficult for Vali to withstand the challenge of any enemy. He always displays bravery in battle." ॥23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥