Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.11.22: "वह अत्यंत बुद्धिमान और युद्धकला में निपुण है। केवल वही तुमसे युद्ध करने में समर्थ है। जिस प्रकार इन्द्र ने नमुचि को युद्ध करने का अवसर दिया था, उसी प्रकार वह तुमसे द्वन्द्वयुद्ध भी कर सकता है।" | ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स समर्थो महाप्राज्ञस्तव युद्धविशारद:।
द्वन्द्वयुद्धं स दातुं ते नमुचेरिव वासव:॥ २२॥
अनुवाद
"वह अत्यंत बुद्धिमान और युद्धकला में निपुण है। केवल वही तुमसे युद्ध करने में समर्थ है। जिस प्रकार इन्द्र ने नमुचि को युद्ध करने का अवसर दिया था, उसी प्रकार वह तुमसे द्वन्द्वयुद्ध भी कर सकता है।"
"He is very intelligent and skilled in the art of war. Only he is capable of fighting you. Just as Indra gave an opportunity to Namuchi to fight, in the same way he can give you a duel.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥