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ramayan 4.11.19: यदि तुम मेरे भय से युद्ध करने में असमर्थ हो अथवा युद्ध करने से विमुख हो, तो उस वीर पुरुष का नाम बताओ जो मुझ युद्ध की इच्छा रखने वाले को अपने साथ युद्ध करने का अवसर दे सके॥19॥   |   ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  4.11.19 
यदि युद्धेऽसमर्थस्त्वं मद्भयाद् वा निरुद्यम:।
तमाचक्ष्व प्रदद्यान्मे यो हि युद्धं युयुत्सत:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
यदि तुम मेरे भय से युद्ध करने में असमर्थ हो अथवा युद्ध करने से विमुख हो, तो उस वीर पुरुष का नाम बताओ जो मुझ युद्ध की इच्छा रखने वाले को अपने साथ युद्ध करने का अवसर दे सके॥19॥
 
If you are unable to fight or have refrained from fighting due to fear of me, then tell me the name of that brave man who would give me, who desires to fight, an opportunity to fight with him.'॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)