Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.11.14-15: यह सुनकर दैत्यों में श्रेष्ठ दुन्दुभि समुद्र से भयभीत होकर धनुष से छूटे हुए बाण के समान तुरन्त हिमालय के वन में जा पहुँचा और गर्जना करता हुआ हाथियों के आकार के बड़े-बड़े श्वेत शिलाखंडों को बार-बार भूमि पर गिराने लगा। | ramayan सर्ग 4.11: वाली का दुन्दुभि दैत्य को मारकर उसकी लाश को मतङ्ग वन में फेंकना, मतङ्गमुनि का वाली को शाप देना, सुग्रीव का राम से साल-भेदन के लिये आग्रह करना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह सुनकर दैत्यों में श्रेष्ठ दुन्दुभि समुद्र से भयभीत होकर धनुष से छूटे हुए बाण के समान तुरन्त हिमालय के वन में जा पहुँचा और गर्जना करता हुआ हाथियों के आकार के बड़े-बड़े श्वेत शिलाखंडों को बार-बार भूमि पर गिराने लगा।
On hearing this, the greatest of demons, Dundubhi, fearing the ocean, immediately reached the Himalayan forest like an arrow shot from a bow and began throwing huge white rocks, the size of elephants, on the ground again and again and roaring.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥