Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.10.34: मैं अपने अनुमान से जानता हूँ कि तुम शोक के समुद्र में डूबे हुए हो। मैं तुम्हारा उद्धार करूँगा। तुम्हें अपनी पत्नी और अपना विशाल राज्य अवश्य ही वापस मिल जाएगा।॥34॥ | ramayan सर्ग 4.10: भाई के साथ वैर का कारण बताने के प्रसङ्ग में सुग्रीव का वाली को मनाने और वाली द्वारा अपने निष्कासित होने का वृत्तान्त सुनाना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं अपने अनुमान से जानता हूँ कि तुम शोक के समुद्र में डूबे हुए हो। मैं तुम्हारा उद्धार करूँगा। तुम्हें अपनी पत्नी और अपना विशाल राज्य अवश्य ही वापस मिल जाएगा।॥34॥
I understand by my own estimation that you are drowned in the sea of grief. I will rescue you. You will certainly get back your wife and your vast kingdom.'॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥