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श्लोक  4.10.32 
अमोघा: सूर्यसंकाशा निशिता मे शरा इमे।
तस्मिन् वालिनि दुर्वृत्ते पतिष्यन्ति रुषान्विता:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
हे मित्र! मेरे ये तीखे बाण सूर्य के समान तेजस्वी हैं, अचूक हैं; ये दुष्ट पर क्रोधपूर्वक गिरेंगे।
 
Friend! These sharp arrows of mine, as radiant as the Sun, are infallible; they will fall angrily upon the wicked one.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)