श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 10: भाई के साथ वैर का कारण बताने के प्रसङ्ग में सुग्रीव का वाली को मनाने और वाली द्वारा अपने निष्कासित होने का वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  4.10.26 
एवमुक्त्वा तु मां तत्र वस्त्रेणैकेन वानर:।
तदा निर्वासयामास वाली विगतसाध्वस:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
'ऐसा कहकर वानरराज ने निर्भय होकर मुझे घर से बाहर निकाल दिया। उस समय मेरे शरीर पर केवल एक वस्त्र शेष था।॥ 26॥
 
‘Saying this, the monkey king fearlessly threw me out of the house. At that time I had only one piece of clothing left on my body.॥ 26॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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