vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड
»
सर्ग 10: भाई के साथ वैर का कारण बताने के प्रसङ्ग में सुग्रीव का वाली को मनाने और वाली द्वारा अपने निष्कासित होने का वृत्तान्त सुनाना
»
श्लोक 21
श्लोक
4.10.21
तस्यास्यात्तु प्रवृत्तेन रुधिरौघेण तद्बिलम्।
पूर्णमासीद् दुराक्रामं स्तनतस्तस्य भूतले॥ २१॥
अनुवाद
उसके मुख और वक्षस्थल से रक्त इतनी मात्रा में भूमि पर बहने लगा कि वह सम्पूर्ण दुर्गम गुफा भर गई ॥21॥
"Blood started flowing from his mouth and chest on the ground in such a quantity that the entire inaccessible cave got filled. ॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×