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ramayan 4.10.19: ऐसा कहकर और 'वह यहीं खड़ा है' ऐसा विश्वास करके मैं उस अत्यन्त दुर्गम गुफा में गया। भीतर जाकर मैं उस राक्षस को खोजने लगा और इस प्रकार वहाँ एक वर्ष व्यतीत किया॥19॥   |   ramayan सर्ग 4.10: भाई के साथ वैर का कारण बताने के प्रसङ्ग में सुग्रीव का वाली को मनाने और वाली द्वारा अपने निष्कासित होने का वृत्तान्त सुनाना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 10: भाई के साथ वैर का कारण बताने के प्रसङ्ग में सुग्रीव का वाली को मनाने और वाली द्वारा अपने निष्कासित होने का वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  4.10.19 
स्थितोऽयमिति मत्वाहं प्रविष्टस्तु दुरासदम्।
तं मे मार्गयतस्तत्र गत: संवत्सरस्तदा॥ १९॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर और 'वह यहीं खड़ा है' ऐसा विश्वास करके मैं उस अत्यन्त दुर्गम गुफा में गया। भीतर जाकर मैं उस राक्षस को खोजने लगा और इस प्रकार वहाँ एक वर्ष व्यतीत किया॥19॥
 
Saying this and believing that 'he is standing here', I entered that extremely inaccessible cave. After going inside I started searching for that demon and in this way I spent one year there.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)