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ramayan 4.10.15-16: "हालाँकि वह राक्षस बहुत शक्तिशाली था, फिर भी मुझे और एक अन्य सहायक को देखकर वह उस रात भयभीत होकर भाग गया। हम दोनों भाइयों को आते देखकर वह बहुत तेज़ी से भागा और एक विशाल गुफा में घुस गया।   |   ramayan सर्ग 4.10: भाई के साथ वैर का कारण बताने के प्रसङ्ग में सुग्रीव का वाली को मनाने और वाली द्वारा अपने निष्कासित होने का वृत्तान्त सुनाना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 10: भाई के साथ वैर का कारण बताने के प्रसङ्ग में सुग्रीव का वाली को मनाने और वाली द्वारा अपने निष्कासित होने का वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 15-16
 
 
श्लोक  4.10.15-16 
स तु दृष्ट्वैव मां रात्रौ सद्वितीयं महाबल:॥ १५॥
प्राद्रवद् भयसंत्रस्तो वीक्ष्यावां समुपागतौ।
अभिद्रुतस्तु वेगेन विवेश स महाबिलम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
"हालाँकि वह राक्षस बहुत शक्तिशाली था, फिर भी मुझे और एक अन्य सहायक को देखकर वह उस रात भयभीत होकर भाग गया। हम दोनों भाइयों को आते देखकर वह बहुत तेज़ी से भागा और एक विशाल गुफा में घुस गया।
 
“Although that demon was very strong, on seeing me with another assistant he became frightened and ran away that night. On seeing both of us brothers coming he ran very fast and entered a huge cave.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)