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ramayan 4.10.14-15h: "उसकी ललकार सुनकर मैं महल से बाहर निकल गया। उस समय मेरा यह क्रूर स्वभाव वाला भाई भी तुरन्त मेरे पीछे-पीछे चला आया। 14 1/2.   |   ramayan सर्ग 4.10: भाई के साथ वैर का कारण बताने के प्रसङ्ग में सुग्रीव का वाली को मनाने और वाली द्वारा अपने निष्कासित होने का वृत्तान्त सुनाना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 10: भाई के साथ वैर का कारण बताने के प्रसङ्ग में सुग्रीव का वाली को मनाने और वाली द्वारा अपने निष्कासित होने का वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 14-15h
 
 
श्लोक  4.10.14-15h 
तस्य तद् भाषितं श्रुत्वा नि:सृतोऽहं नृपालयात्॥ १४॥
अनुयातश्च मां तूर्णमयं भ्राता सुदारुण:।
 
 
अनुवाद
"उसकी ललकार सुनकर मैं महल से बाहर निकल गया। उस समय मेरा यह क्रूर स्वभाव वाला भाई भी तुरन्त मेरे पीछे-पीछे चला आया। 14 1/2.
 
"On hearing his challenge, I left the palace. At that time, this cruel-natured brother of mine also immediately followed me. 14 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)