Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.10.13-14h: उन्होंने कहा, "आप सभी जानते ही होंगे कि एक रात मायावी नामक एक महादैत्य मुझसे युद्ध करने की इच्छा से यहाँ आया। वह क्रोध से भर गया और उसने सबसे पहले मुझे युद्ध के लिए ललकारा। | ramayan सर्ग 4.10: भाई के साथ वैर का कारण बताने के प्रसङ्ग में सुग्रीव का वाली को मनाने और वाली द्वारा अपने निष्कासित होने का वृत्तान्त सुनाना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन्होंने कहा, "आप सभी जानते ही होंगे कि एक रात मायावी नामक एक महादैत्य मुझसे युद्ध करने की इच्छा से यहाँ आया। वह क्रोध से भर गया और उसने सबसे पहले मुझे युद्ध के लिए ललकारा।
‘He said, ‘You all must know that one night a great demon named Mayaavi came here with the desire to fight with me. He was filled with anger and first challenged me for a fight.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥