Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.1.80-81h: 'पर्वत शिखरों पर अंकोल, कुरंट, चुर्णक (सेमल), परिभद्रक (नीम या मदार), आम, पाटली, कोविदर, मुचुकुंद (नारंग) और अर्जुन नामक वृक्ष भी फूलों से लदे दिखाई देते हैं। 80 1/2॥ | ramayan सर्ग 4.1: पम्पासरोवर के दर्शन से श्रीराम की व्याकुलता, दोनों भाइयों को ऋष्यमूक की ओर आते देख सुग्रीव तथा अन्य वानरों का भयभीत होना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'पर्वत शिखरों पर अंकोल, कुरंट, चुर्णक (सेमल), परिभद्रक (नीम या मदार), आम, पाटली, कोविदर, मुचुकुंद (नारंग) और अर्जुन नामक वृक्ष भी फूलों से लदे दिखाई देते हैं। 80 1/2॥
‘Trees named Ankol, Kurant, Churnak (Semal), Paribhadrak (Neem or Madar), Mango, Patli, Kovidar, Muchukund (Narang) and Arjun are also seen laden with flowers on the mountain peaks. 80 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥