Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.1.8: नई घास से ढका यह स्थान अपनी नीली-पीली आभा के कारण अत्यंत सुंदर लग रहा है। यहाँ जगह-जगह तरह-तरह के फूल और वृक्ष बिखरे पड़े हैं। ऐसा लग रहा है मानो यहाँ ढेरों कालीन बिछाए गए हों। | ramayan सर्ग 4.1: पम्पासरोवर के दर्शन से श्रीराम की व्याकुलता, दोनों भाइयों को ऋष्यमूक की ओर आते देख सुग्रीव तथा अन्य वानरों का भयभीत होना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नई घास से ढका यह स्थान अपनी नीली-पीली आभा के कारण अत्यंत सुंदर लग रहा है। यहाँ जगह-जगह तरह-तरह के फूल और वृक्ष बिखरे पड़े हैं। ऐसा लग रहा है मानो यहाँ ढेरों कालीन बिछाए गए हों।
‘This place covered with new grass is looking very beautiful due to its blue-yellow glow. Various types of flowers of trees are scattered everywhere here. This makes it look as if many carpets have been laid here. 8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥