श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 1: पम्पासरोवर के दर्शन से श्रीराम की व्याकुलता, दोनों भाइयों को ऋष्यमूक की ओर आते देख सुग्रीव तथा अन्य वानरों का भयभीत होना  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  4.1.70 
यानि स्म रमणीयानि तया सह भवन्ति मे।
तान्येवारमणीयानि जायन्ते मे तया विना॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
सीता के साथ रहते हुए जो चीजें मुझे सुंदर लगती थीं, आज उसके बिना वे कुरूप लगती हैं।
 
All the things that used to seem beautiful to me when I was with Sita, seem ugly today without her.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)