Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.1.65: 'चक्रवाक यहाँ सदैव निवास करते हैं। यहाँ के वनों में विचित्र स्थान हैं और यहाँ जल पीने के लिए आने वाले हाथियों और हिरणों के समूहों के कारण इस पम्पा की शोभा और भी बढ़ जाती है।' 65। | ramayan सर्ग 4.1: पम्पासरोवर के दर्शन से श्रीराम की व्याकुलता, दोनों भाइयों को ऋष्यमूक की ओर आते देख सुग्रीव तथा अन्य वानरों का भयभीत होना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'चक्रवाक यहाँ सदैव निवास करते हैं। यहाँ के वनों में विचित्र स्थान हैं और यहाँ जल पीने के लिए आने वाले हाथियों और हिरणों के समूहों के कारण इस पम्पा की शोभा और भी बढ़ जाती है।' 65।
‘Chakravakas always reside here. The forests here have strange places and the beauty of this Pampa is further enhanced by the groups of elephants and deer that come here to drink water. 65.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥