Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.1.45: ‘इन वृक्षों के फूल, जो अत्यन्त सुन्दर एवं मनोहर प्रतीत होते हैं, वे भी फलहीन होकर पुष्पगुच्छों सहित पृथ्वी पर गिर जाते हैं। 45॥ | ramayan सर्ग 4.1: पम्पासरोवर के दर्शन से श्रीराम की व्याकुलता, दोनों भाइयों को ऋष्यमूक की ओर आते देख सुग्रीव तथा अन्य वानरों का भयभीत होना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘इन वृक्षों के फूल, जो अत्यन्त सुन्दर एवं मनोहर प्रतीत होते हैं, वे भी फलहीन होकर पुष्पगुच्छों सहित पृथ्वी पर गिर जाते हैं। 45॥
‘The flowers of these trees, which appear very beautiful and beautiful, also become fruitless and fall to the earth along with the clusters of flowers. 45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥